गुरुवार, 13 नवंबर 2014

ख़ामोशी / Khamoshi




मेरी ख़ामोशी से तुझे अंदाज़ा नहीं होगा ।
कितने तूफ़ान हैं उठ रहे हैं मेरे सीने में ।
तू मुझे तोड़ने की और कोशिश न कर ।
कहीं साथ मेरे डूब न जाए तू सफ़ीने में ।

------------शिव
Meri khaamoshi se tujhe aandaza nahi hoga
Kitne toofan uth rehe hain mere seene mein 
Tu mujhe todne ki aur koshish na kr 
Kahi saath mere doob na jaaye safeene mein 

----------Shiv
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