गुरुवार, 30 अक्तूबर 2014

शब्द, एहसास और डर /Shabd, ehsaas aur dar

शब्द और एहसास
Shabd aur ehsaas
अक्सर मेल नहीं खाते
Aksar male nahi khate
एहसास गहरा हो तो
Ehsaas gehra ho to
शब्द निरुत्तर
Shabd niruttar
शब्द बोले तो
Shabd bole to
एहसास निशब्द
Ehsaas nishabd
ये दुविधा कई बार
Ye duvidha
जन्म लेने नहीं देती
Janm lene nahi deti
एक सच्ची रचना को
Ek sacchi rachna ko
जैसा लेखक चाहता है
Jaisa lekhak chahta hai
बताना ,जाताना ,कहना ,सुनना
Batana ,jatana,kehna,sunana
इस तरह कई लेखनिय़ा 
Is terah kai lekhniya
तोड़ देती हैं दम 
Tod deti hain dum
मैं भी एक नया लेखक हूँ 
Main bhi ek naya Lekhak hoon
-------शिवराज----------
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