सोमवार, 10 अगस्त 2015

सुप्रभात


पलंग छूटा और आगया 
मोबाइल मेरे हाथ ।
बस कुछ बटन दबाये
सबसे की मुलाक़ात ।
सोशल मीडिया में यारों
एक यही गलत है बात 
घरवालों को दूर करे 
अनजानों को पास 
बात बड़ी है जो कही है 
नहीं हास परिहास 
आप का दिन शुभ होगा
मैं करता हूँ प्रार्थना 
मुझको है विश्वास
सुप्रभात सबको मेरा 
कोई दुःख न आये पास
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आप सब को सुप्रभात
शिवराज 
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