बुधवार, 1 जुलाई 2015

सुप्रभात


गुजरी है बड़ी लंबी कल की रात दोस्तों 
खैर, सुबह हुई सब को सुप्रभात दोस्तों 
एक नया दिन है अब अपने साथ दोस्तों 
यही उम्मीद है के बदलेंगे हालात दोस्तों 
जानता हूँ के है कठिन हालात दोस्तों 
पर वक़्त बदलता है वक़्त के साथ दोस्तों 
चलो आओ करें दिन से मुलाक़ात दोस्तों
एक बार फिर सबको सुप्रभात दोस्तों 
~~शिवराज~~~
(चित्र--वंदना मिश्रा)
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