मंगलवार, 7 जुलाई 2015

अधूरा ख़्वाब

कल का अधूरा ख़्वाब 
बेताब है पूरा होने को ।
दोस्तों सबको शुभरात्री 
मैं जा रहा हूँ सोने को ।

good night मित्रो 
शिवराज 
एक टिप्पणी भेजें