मंगलवार, 30 सितंबर 2014

मैं तो हूँ

मैं जो भी हूँ जैसा भी हूँ,मैं तो हूँ।
मैं अच्छा बुरा जैसा भी हूँ, मैं तो हूँ।
मुझ में कई कमियां हैं लोग कहते हैं ।
दोस्तों के लिए अच्छा हूँ जैसा भी हूँ।
क्या करूं बह जाता हूँ ज़ज्बात में।
इसलिए दुनियांदारी में कच्चा भी हूँ।
मेरा दिल तोड़ने वाले जान ले ये राज।
मैं बहुत खुश हूँ जहाँ हूँ जैसा भी हूँ।
मेरे जैसो के लिए नहीं हैं दुनिया, माना।
कुछ दिलों में मैं भी मगर बसता तो हूँ।
हर कोई मुझसे ख़ुशी पाता है पायेगा।
आदमी मैं बड़ा सस्ता जो हूँ, हूँ तो हूँ।
*****शिवराज********
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