शनिवार, 29 अगस्त 2015

रक्षाबंधन का धागा


धागा तो कच्चा होता है
पर बंधन पक्का होता है
क्यों की भाई बहन का नाता
सब नातों से अच्छा होता है

ये नाता जब से जुड़ जाता
जब से मन बच्चा होता है
सभी जानते है ये बातें
की बचपन सच्चा होता है

माँ की ममता पिता सा नेह
दीदी से भी मिलता है
दीदी की प्यारी सीखों से
बचपन और संवरता है

बहन अगर छोटी हो तो
हम उसको सिखलाते है
अपने हिस्से का भी देकर
उसको सदा हंसाते है

उसकी निश्छल मुस्कान से
मन प्रसन्न हो जाता है
एसा निर्मल इस पावन
भाई बहन का नाता है

जीवन की गति के साथ
भाई बहन अलग हो जाते है
तब ये कच्चे धागे
हम को सब याद दिलाते है

जो रिश्ते दिल के होते है
वो तो पक्के ही होते हैं
कितने सुन्दर कितने अच्छे
कितने सच्चे भी होते हैं

अपनी बहन की खातिर
भाई कुछ भी कर जाते हैं
इसी लिए हम इतना सुन्दर
रक्षा बंधन पर्व मनाते हैं
----शिवराज-------

गुरुवार, 27 अगस्त 2015

वफ़ा और ज़फ़ा




अपने ही दग़ा करते है 
अपने ही ज़फ़ा करते हैं
और जो वफ़ा करते है 
वो अपने हो जाते हैं 
अपने ही ख़ुशी लाते हैं 
अपने ही तड़पाते हैं 
__शिवराज___

बुधवार, 26 अगस्त 2015

मुहब्बत


मुहब्बत हो गयी की न थी 
सुकूँ खोना किसको पसंद है 
बड़ी कमी है प्यार की यहाँ 
सब के सब जरुरतमंद है 

मेरे प्यार की गहराई को 
गर समझना चाहता है वो 
कह दो  बाहों में आजाये 
वरना तो बस साँसे चंद है 

इत्तेफ़ाकन मिल गयी थी 
मेरी और उसकी नज़र 
उस पल से ही वो मेरी
पहली और आखरी पसंद है 

मैं रोज़ उसकी गली से 
गुज़रता जरूर हूँ 
नज़र आता नहीं कभी भी 
शायद वो नज़रबंद है 

 __शिवराज___