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This blog is a collection of my writings. I write whatever comes in my mind
सोमवार, 29 दिसंबर 2014
काश
जैसे कुछ न मिला हो पाकर भी बहुत कुछ ।
काश एक तू मिलता और कुछ न मिलता ।
---शिवराज----
रविवार, 28 दिसंबर 2014
ख़ामोशी
कुछ कहते कहते खामोश रह गया ।
आँख में रुका हुआ मोती बह गया ।
किसी को जरा सी खबर भी न हुई ।
वो शख्स जाने क्या क्या सह गया ।
____शिवराज______
शनिवार, 20 दिसंबर 2014
मुश्किल
खामोश रह के सब बताते हो ।
दर्द सहते रहते हो या सताते हो ।
मुश्किल में तुम भी हो मैं भी ।
देखना है डुबोते हो या तराते हो ।
-----शिवराज---------
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