गुज़र गयी है फिर से एक रात दोस्तों
क्या आज का दिन देगा साथ दोस्तों
वक़्त से करने को दो दो हाथ दोस्तों
मैं तैयार हूँ, कर दो दुआएं साथ दोस्तों
आप सब को मेरा सुप्रभात दोस्तों
आप सब को मेरा सुप्रभात दोस्तों
सुप्रभात
शिवराज
कल का अधूरा ख़्वाब
बेताब है पूरा होने को ।
दोस्तों सबको शुभरात्री
मैं जा रहा हूँ सोने को ।
good night मित्रो
शिवराज
क्या पता है आप को इस बात का
बड़ा इंतज़ार रहता है मुझे रात का
नींद छुपा लेती है हर चिंता हर गम
कुछ देर को दर्द कर देती है कम
ए नींद तू अब आजा मेरी आँखों में
तेरा स्वागतहै बहुत बहुत स्वागतम्
शुभरात्री / शब्बा ख़ैर
आपका अपना
शिवराज