बुधवार, 8 जुलाई 2015

सुप्रभात


गुज़र गयी है फिर से एक रात दोस्तों 
क्या आज का दिन देगा साथ दोस्तों 
वक़्त से करने को दो दो हाथ दोस्तों 
मैं तैयार हूँ, कर दो दुआएं साथ दोस्तों 
आप सब को मेरा सुप्रभात दोस्तों 
आप सब को मेरा सुप्रभात दोस्तों 
सुप्रभात 
शिवराज

मंगलवार, 7 जुलाई 2015

अधूरा ख़्वाब

कल का अधूरा ख़्वाब 
बेताब है पूरा होने को ।
दोस्तों सबको शुभरात्री 
मैं जा रहा हूँ सोने को ।

good night मित्रो 
शिवराज 

सोमवार, 6 जुलाई 2015

नींद


क्या पता है आप को इस बात का
बड़ा इंतज़ार रहता है मुझे रात का
नींद छुपा लेती है हर चिंता हर गम
कुछ देर को दर्द कर देती है कम
ए नींद तू अब आजा मेरी आँखों में
तेरा स्वागतहै बहुत बहुत स्वागतम्

शुभरात्री / शब्बा ख़ैर
आपका अपना
शिवराज